राम जन्मभूमि विवाद पर जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील

नई दिल्ली : राम जन्मभूमि विवाद पर जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है. यह अपील हिंदू पक्षकार गोपाल सिंह विशारद ने की है. विशारद की ओर से उनके वकील पीएस नरसिम्हा ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के समक्ष कहा कि मध्यस्थता के पहले राउंड में कोई प्रगति नहीं दिखाई दी। सुप्रीम कोर्ट मामले को सुनवाई के लिए लिस्ट करे और विवाद का निपटारा करे।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की तीन सदस्यीय खंडपीठ से विशारद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी एस नरसिम्हा ने इस मामले का उल्लेख करते हुये कहा कि मालिकाना हक के इस विवाद को शीघ्र सुनवाई के लिये कोर्ट में सूचीबद्ध किये जाने की आवश्यकता है.

बतादें प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस मामले पर मध्यस्थता के लिये बनाई गयी समिति का कार्यकाल मई में 15 अगस्त तक के लिये बढ़ा दिया था ताकि वह अपनी कार्यवाही पूरी कर सके.

पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि यदि मध्यस्थता करने वाले परिणामों के बारे में आशान्वित हैं और 15 अगस्त तक का समय चाहते हैं तो समय देने में क्या नुकसान है? यह मुद्दा सालों से लंबित है. इसके लिये हमें समय क्यों नहीं देना चाहिए?

वही इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2010 में अपने फैसले में कहा था कि अयोध्या में विवादित स्थल की 2.77 एकड़ भूमि तीन पक्षकारो-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बराबर बराबर बांट दी जाये. हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में कुल 14 अर्जियां दायर की गयी हैं.

इस बीच केंद्र में नई सरकार बनाने के बाद से ही धार्मिक संगठनो ने भी मंदिर निर्माण जल्द से जल्द शुरू करने की मांग करने लगे है. इस बीच मामला अभी न्यायालय में चल रहा है.

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