भाजपा को इतनी हमदर्दी है तो अपनी केन्द्र सरकार को कहें कि 2500 रू. में धान खरीदी करें

रायपुर। भाजपा के आंदोलन पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि हल्ला बोलना है तो रमन सिंह और धरमलाल कौशिक दिल्ली जाकर हल्ला बोले जहां भाजपा की केन्द्र सरकार किसानों को 2500 रू. धान का दाम देने से छत्तीसगढ़ की सरकार को रोकने के लिये चिट्ठियां लिख रही है एमओयू कर रही है दबाव डाल रही है।

रमन सिंह और भाजपा के नेताओं ने किसानों को धान बेचने से रोकने की भरपूर कोशिश की। भाजपा नेताओं ने किसानों के लिये 2500 रू. की मांग की है। भाजपा की केन्द्र सरकार चिट्ठी लिखती है कांग्रेस की सरकार को कि किसानों को 2500 रू. दाम न दिया जाये। यदि छत्तीसगढ़ सरकार 2500 रू. देगी तो छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चांवल सेन्ट्रल पुल में नहीं लिया जायेगा। ये तो सीधे-सीधे भारतीय जनता पार्टी का दोहरा आचरण है।

भाजपा की मोदी की केन्द्र सरकार 2500 रू. देने से रोक लगा रही है और यहां के भाजपा नेता 2500 रू. देने की मांग कर रही है। अगर रमन सिंह जी वाकई 2500 रू. किसानों को दिलाना चाहते है तो रमन सिंह जी को दिल्ली जाकर मांग करना चाहिये। रमन सिंह जी को जंतर-मंतर में मोदी सरकार से अमित शाह, रामविलास पासवान जी से मांग करना चाहिये कि छत्तीसगढ़ की सरकार को 2500 रू. में धान खरीदी करने से न रोका जाये। 2500 रू. में धान खरीदी में कोई रोकटोक भाजपा की केन्द्र सरकार के द्वारा न लगायी जाये।

रमन सिंह जी नगपुरा जैसी जगहों में जाकर अपनी मेहनत और ऊर्जा व्यर्थ बर्बाद कर रहे है। पूरे छत्तीसगढ़ सहित नगपुरा के किसानों ने भारतीय जनता पार्टी को रमन सिंह जी को रिजेक्ट कर दिया। नगपुरा में 1816 किसानों ने अपना धान उस दिन बेचा है। किसानों को भूपेश बघेल जी की सरकार पर पूरा भरोसा है, विश्वास है। ऐसा ही विश्वास पिछले साल भी था, जब 1750 रू. में रमन सिंह सरकार धान खरीदी कर रही थी। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 1750 रू. और 2500 रू. की बीच की अंतर की राशि है वो कांग्रेस की सरकार ने मुख्यमंत्री किसानों को दी है।

कर्ज जिन किसानों से पटा लिया गया, ले लिया गया, उनका धान जमा कर लिया गया तो उन किसानों को कर्जमाफी की राशि अलग से भूपेश बघेल की सरकार ने दी। इस बार भी भाजपा सरकार ने 1815 रू. और 1835 रू. और भूपेश बघेल सरकार की 2500 रू. के अंतर की राशि किसानों को उसी तरह निश्चित रूप से दी जायेगी जैसे भूपेश बघेल सरकार ने धान के अंतर की राशि 2018 में और कर्जमाफी की राशि दी थी। कांग्रेस की सरकार किसानों की सरकार और छत्तीसगढ़ की सरकार है।

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