हालमार्क ने बढ़ाई सराफा व्यापारियों व ग्राहक में विश्वास : बिस्ट

रायपुर:भारतीय मानक ब्यूरो छत्तीसगढ़ के अधिकारियों व सराफा कारोबारियों के बीच एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया था जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा सराफा में हालमार्क की अनिवार्यता किये जाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अब तक जो भ्रांतियां कारोबारियों के बीच थी उसका भी निराकरण किया गया। सराफा कारोबारियों ने कई सवाल के माध्यम से हालमार्क की नीतियों व निर्धारण के बारे में भी जाना।
गौरतलब है कि सरकार ने स्वर्ण आभूषणो में 14, 18, 22 कैरेट को हाल मार्किंग की मान्यता प्रदान की है। इसके साथ ही उपभोक्ता हित में होगा कि 20 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी को हॉलमार्क की श्रेणी में शामिल किया जाए। इस मांग को लेकर पिछले दिनों प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भी लिखा गया था।
इस मौके पर रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू व सचिव दीपचंद कोटडिय़ा ने बताया कि सरकार की नीतियों के अनुसार ही सराफा कारोबारी अपने व्यापार का संचालन करते हैं लेकिन नीतियों के बनाने व संचालन के बीच कई प्रकार की दुविधा रहती है इसे दूर करने के लिए हमने भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिर्देशक के.सी. बिस्ट से मुलाकात की और एक शिविर लगाने के लिए मांग की जिस पर न केवल उन्होने तत्काल सहमति दी बल्कि आज आयोजित शिविर में सभी शंकाओं का समाधान करने वे स्वंय उपस्थित हैं, हम उनके आभारी हैं। भारतीय मानक ब्यूरों के अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने सराफा में गुणवत्ता, एकरूपता, व्यापारियों व ग्राहकों के बीच विश्वसनीय साख बनाने के लिहाज से हालमार्किंग को अनिवार्य किया है। इसे बाजार ने सहजता से स्वीकारा भी है।

शिविर में भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिर्देशक श्री के.सी.एस. बिस्ट, रायपुर ब्रांच प्रमुख वी. गोपीनाथ, शांतानम मुखर्जी, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा, महामंत्री लालचंद गुलवानी, कोषाध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मदनलाल अग्रवाल, महासचिव संजय कानूगा, कोषाध्यक्ष सुनील सोनी, रायपुर सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारीगण सुरेश भंसाली, पवन अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण लाहोटी, प्रहलाद सोनी, जितेन्द्र गोलछा, अनिल कुचेरिया सहित बड़ी संख्या में सराफा कारोबारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *