प्रधानमंत्री मोदी ने कहा तमिलों की आकांक्षाओं को समझेगा श्रीलंका

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नई दिल्ली : श्रीलंक के प्रधानमंत्री महिंद्रा राजपक्षे अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत आए हैं. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की. इस दौरान भारत-श्रीलंका के दोस्ताना रिश्तों को गति देने की प्रतिबद्धता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका की नई सरकार से वहां के तमिल अल्पसंख्यकों की राजनीतिक शासन में भागेदारी सुनिश्चित किए जाने की पूरजोर वकालत की।

मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने श्रीलंकाई संविधान के अनुरूप तमिलों के अधिकारों को लेकर भी बात की. इस दौरान होने ही नेताओ ने मानवीय नजरिये को तवज्जो देने की बात की. भारत की यात्रा पर आए श्रीलंका के प्रधानमंत्री को अपनी आज़ादी की बहत्तरवीं वर्षगाँठ मानाने के लिए बधाई भी दी.

अपने संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा भारत और श्रीलंका अनादि काल से पड़ोसी भी हैं, और घनिष्ठ मित्र भी हैं। हमारे संबंधों के इतिहास का ताना-बाना संस्कृति, धर्म, आध्यात्म, कला और भाषा जैसे अनगिनत रंग-बिरंगे धागों से बुना गया है।चाहे सुरक्षा हो या अर्थव्यवस्था या सामाजिक प्रगति, हर क्षेत्र में हमारा अतीत और हमारा भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।श्रीलंका में स्थायित्व, सुरक्षा, और समृद्धि भारत के हित में तो है ही, पूरे हिन्द महासागर क्षेत्र के हित में भी है। और इसलिए, इंडो-पेसिफ़िक क्षेत्र में भी शांति और खुशहाली के लिए हमारा घनिष्ठ सहयोग बहुमूल्य है। हमारी सरकार की “Neighbourhood First” नीति और “सागर” डॉक्ट्रिन के अनुरूप हम श्रीलंका के साथ संबंधों को एक विशेष प्राथमिकता देते हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए भारत के साथ मिल कर काम करने के श्रीलंका सरकार के संकल्प का हम स्वागत करते हैं।