कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने झीरम घाटी में शहीद हुए स्वर्गीय नंदकुमार पटेल , योगेंद्र शर्मा सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, व सुरक्षा बल के जवानों को किया नमन।

Last Updated on

रायपुर, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवम पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने झीरम कांड के सातवी बरसी पर कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष शहीद नंदकुमार पटेल जी विद्याचरण शुक्ल जी, महेंद्र कर्मा जी, योगेंद्र शर्मा जी सहित 30 कांग्रेस नेताओं एवम सुरक्षा बल के जवानों को शत शत नमन करते हुए नक्सली हिंसा की निंदा करते हुए कहा नक्सल वाद किसी रूप में हो, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता क्योंकि यह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है.साथ ही झीरम कांड कर घृणित एवम कायराना हरकत नक्सलियों ने किया था।शहीद नंदकुमार पटेल जी के ब्यक्तित्व के बारे में कांग्रेस प्रदेश सचिव ने बताया कि शहीद नंदकुमार पटेल जी जमीन से जुड़े नेता थे सरपंच, जनपद सदस्य से राजनीतिक सफर तय करते हुए विधायक, मंत्री, एवम छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कांग्रेस पार्टी की सेवा कर झीरम घाटी नक्सली हमले में शहीद हो गए, ऐसे नेताओं की पूर्ति किया जाना संभव नही है पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र बंजारे ने युवा नेता शहीद योगेंद्र शर्मा जी के बारे में बताया कि धरसींवा के जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित होकर धरसींवा के जनता की सेवा करते हुए धरसींवा विधानसभा के युवाओं को रोजगार दिलाने सहित धरसींवा को उचाईयो पर ले जाने का सपना था, उनके दोस्ती की कहानी आज भी लोगों के द्वारा सुनाई जाती है जो एक दोस्त के रूप में मिसाल है शहीद योगेंद्र शर्मा किसी को सहयोग का वादा कर देते थे तो उसे पूरा करने जी जान लगा देते थे।आज उनके सपनों को पूरा करने की कोशिश में लगे धरसींवा की विधायक श्रीमती अनिता योगेंद्र शर्मा इस संकट काल मे गरीबो दिन दुखियो की सेवा कर रही है जो कही न कही शहीद योगेंद्र शर्मा जी के सपनो को पूरा करने जैसा है। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेंद्र बंजारे ने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी कांड की सातवी बरसी है, 25 मई 2013 को झीरम घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस के 25 नेताओं की हत्या कर दी थी। यह हमला देश के इतिहास के सबसे बड़े नक्सली हमलों में गिना जाता है। इस हमले में 4 बड़े नेताओं की भी मौत हो गई थी। नक्सलियों ने बर्बरता की हदें पार करते हुए शवों पर डांस तक किया था।ऐसा खौफनाक मंजर इससे पहले कभी नहीं देखा था… – यह पहला मौका था, जब नक्सलियों ने किसी राजनैतिक दल के नेताओं को सामूहिक रूप से निशाना बनाया था।कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने बताया कि हमारे कांग्रेस की सरकार ने घोसणा किया की छत्तीसगढ़ में हर वर्ष 25 मई को ’झीरम श्रद्धांजलि दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी ने इस संबंध में आज अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि 25 मई 2013 को झीरम घाटी में नक्सल हिंसा के शहीद हुए प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षा बलों के जवानों सहित सभी लोगों की स्मृति में 25 मई को प्रतिवर्ष ’झीरम श्रद्धांजलि दिवस’ के रूप में मनाया जाए। प्रदेश के सभी शासकीय एवं अर्ध शासकीय कार्यालयों में 25 मई को शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी जाए तथा यह शपथ ली जाए कि राज्य को पुनः शांति का टापू बनाने के लिए हम सब संकल्पित रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *